Chhattisgarh Ke Khanij Ayask Quiz – पर आधारित प्रश्नोत्तरी में आपको छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले सभी प्रकार के खनिज जैसे कोयला, लौह-अयस्क, चुना पत्थर, बॉक्साइट, टिन, सोना, हीरा एवं अन्य खनिज अयस्कों पर प्रश्न पूछे जायेंगे।
अपने रोज के प्रैक्टिस में प्रश्नोत्तरी को जरूर शामिल करें इससे आपको सवालों का पैटर्न समझने में आसानी होगी और लगातार प्रैक्टिस करने से आपके याद रहेगा कोई भी सवाल के जवाब को रटने की जरुरत नहीं बल्कि प्रैक्टिस करके उसे समझिये फिर आप कभी नहीं भूलेंगे।
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#1. दक्षिण पूर्वी कोयला क्षेत्र का मुख्यालय कहां है ?
#2. देश के कोयले का लगभग कितना प्रतिशत भण्डारण छ.ग. में है ?
#3. छत्तीसगढ़ में प्राप्त कोयला मुख्यतः किस प्रकार की है?
कार्बन की उपस्थिति के आधार पर कोयला के निम्नलिखित चार प्रकार हैं
1.एन्थ्रेसाइट
2. बिटुमिनस (छ.ग. में सर्वाधिक मात्रा में पाए जाते हैं)
3. लिग्नाइट
4. पीट
#4. 31 मार्च 2018 तक जिला खनिज संस्थान न्यास कोष के अंतर्गत इस राज्य के कितने ग्राम ‘आदर्श ग्राम’ के रूप में चिन्हित किये गए हैं ?
#5. गेवरा, दीपका एवं कुसमुंडा किसलिए जाने जाते हैं?
#6. छत्तीसगढ़ का प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र है
#7. छत्तीसगढ़ में अर्द्ध-कोकिंग कोयला निम्नलिखित में से किस कोलफील्ड से प्राप्त होता है?
#8. छत्तीसगढ़ राज्य का प्रमुख खनिज निम्न में से है ?
#9. साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
#10. छत्तीसगढ़ स्थित विश्रामपुर से निम्नलिखित में से किस खनिज का उत्पादन होता है ?
विश्रामपुर, रामकोला और हसदेव अरंड कोयला क्षेत्र सूरजपुर जिले में स्थित है।
#11. लौह अयस्क कौन-से क्रम के शैल समूह से प्राप्त होती है?
#12. किस जिले में कोयले का निक्षेप नहीं है ?
#13. छत्तीसगढ़ में निम्नांकित में से किस खनिज के उत्खनन में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम संलग्न है ?
#14. आरीडोंगरी लौह अयस्क क्षेत्र कौन-से तहसील में स्थित है?
आरीडोंगरी लौह अयस्क क्षेत्र कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर तहसील क्षेत्र में स्थित है। जहां CMDC के द्वारा लौह अयस्क का उत्खनन कार्य किया जा रहा है।
#15. ‘जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015’ इस राज्य में किस तिथि से लागू किया गया है?
#16. सबसे अधिक संख्या में कोयला खदानें छत्तीसगढ़ के निम्नलिखित जिले में अवस्थित हैं ?
#17. छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी भूमिकृत कोयला खदान है ?
#18. बैलाडीला का लौह अयस्क अधिकांशत: कहां से जापान को निर्यात किया जाता है ?
#19. छत्तीसगढ़ की दल्लीराजहरा खानें किसके लिए प्रसिद्ध है?
#20. छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की कितनी परियोजनाएँ चल रही हैं?
#21. भारत की सबसे बड़ी मशीनीकृत खान है ?
#22. छत्तीसगढ़ के दन्तेवाड़ा जिले के बैलाडीला से कौन-सा खनिज पदार्थ जापान को निर्यात किया जाता है ?
#23. छत्तीसगढ़ में कोयले का सर्वाधिक भण्डार वर्तमान में किस जिले में विद्यमान है?
• रायगढ़ जिले के प्रमुख कोयला क्षेत्र निम्न हैं
मांड-रायगढ़ कोयला प्रक्षेत्र, डोमनारा, छाल, माढ़, बरौद, घरघोड़ा,
जामपाली, गारेपालमा, कुडुमकेला, धरमजयगढ़, चिमटापानी,
तिलइपाली ।
• कोयला के उत्पादन में प्रथम स्थान पर कोरबा है किंतु भण्डारण
में प्रथम स्थान पर रायगढ़ जिला है।
#24. छत्तीसगढ़ में कितने जिलों में खनिज संस्थान न्यास का गठन किया गया है ?
#25. छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की स्थापना कब हुई?
#26. छत्तीसगढ़ की दल्लीराजहरा खदानें प्रसिद्ध हैं ?
दल्लीराजहरा (बालोद जिला) लौह अयस्क खदानों के लिए प्रसिद्ध है। जहां से पहले भिलाई स्टील पावर प्लान्ट को लौह अयस्क की आपूर्ति की जाती थी परन्तु वर्तमान में रावघाट (कांकेर) से की जा रही है।
#27. तातापानी रामकोला कोयला क्षेत्र किस जिले में स्थित है ?
#28. छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की परियोजना में कौन-सी परियोजना शामिल नहीं है ?
छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CMDC)
गठन – 7 जून 2001
मुख्यालय – रायपुर
परियोजनाएँ
1. कोयला परियोजना
2. लौह अयस्क परियोजना
3. बॉक्साइट परियोजना
4. टिन परियोजना
5. कोरण्डम परियोजना
#29. छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे बड़ा भूमिगत और यांत्रिक कोयला खान है ?
#30. बैलाडीला से लौह अयस्क निर्यात कहां किया जाता है ?
#31. चिरमिरी कोलफील्ड छत्तीसगढ़ के किस जिले में स्थित है।
#32. छत्तीसगढ़ की हसदो घाटी किसलिए प्रसिद्ध है?
हसदेव घाटी कोयला क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध है। इसका विस्तार बिलासपुर से सरगुजा के रामपुर तक है। इसे हसदेव-रामपुर
कोयला क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है।
#33. वर्ष 2016-17 में इस राज्य में खनिजों से प्राप्त राजस्व आय को अधिकतम करने में किस खनिज की महत्वपूर्ण भूमिका है ?
#34. निम्नलिखित कोयला क्षेत्रों में से कौन-सा कोयला क्षेत्र छत्तीसगढ़ में स्थित नहीं है?
• झरिया कोयला क्षेत्र झारखण्ड में है जबकि शेष कोयला क्षेत्र छ.ग. में स्थित हैं।
#35. कोयला कौन-से क्रम के शैल समूह से प्राप्त होती है?
#36. छत्तीसगढ़ में अनुमानित कोयला भंडार की विस्तार (मिलियन टन में) क्या है?
#37. छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम की स्थापना कब हुई ?
#38. हसदो -रामपुर कोयला क्षेत्र किस जिले में स्थित है?
#39. राज्य खनिज विकास निगम का मुख्यालय कहां है ?
#40. निम्नलिखित में से कौन-सा कोलफील्ड (कोयला क्षेत्र) नहीं है?
बोरियाटिब्बू राजनांदगांव जिले में स्थित एक लौह अयस्क क्षेत्र है जबकि शेष कोयला उत्पादक क्षेत्र है।
लखनपुर – सरगुजा जिला
पंचबहिनी – सरगुजा
माँड – रायगढ़
Results
Congratulation
Don’t Worry, Try Again…
कोयला उत्पादन के लिए प्रसिद्ध
कोरिया जिला कोयला उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। इस जिले के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र निम्नलिखित हैं-
- सोनहत (अर्द्ध कोकिंग कोयला पायी जाती है)
- चरचा -चिरमिरी
- झगराखंड
- झिलमिली
- सोहागपुर
- कुरासिया की पहाड़ी
- हसदेव अरंड के कुछ भाग
- सेंदूरगढ़
- मनेन्द्रगढ़
कोयला का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है
वर्तमान में कोरबा जिला कोयला का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है, जिसके प्रमुख क्षेत्र निम्न हैं –
- दीपका
- गेवरा
- कुसमुंडा
- हसदेव अरंड (कोरबा, कोरिया एवं सूरजपुर में विस्तृत)
- मुकुन्दघाट
- मानिकपुर
छ.ग. के राजस्व आय में खनिजों का योगदान
(स्त्रोत आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21)
- कोयला – 37.71 प्रतिशत (सर्वाधिक योगदान)
- लोहा – 29.51 प्रतिशत
- चूना पत्थर – 5.30 प्रतिशत
- अन्य – 27.48 प्रतिशत
इस राज्य में वर्तमान (2019-20 ) में खनिज उत्पादन का क्रम
- कोयला – 157409 हजार टन
- चूना पत्थर – 42415 हजार टन
- लौह अयस्क – 34820 हजार टन
- बॉक्साइट – 1492 हजार टन
भारत की सबसे बड़ी मशीनीकृत खान
- बैलाडीला की पहाड़ी भारत की सबसे बड़ी मशीनीकृत खान है।
- बैलाडीला की पहाड़ी दंतेवाड़ा जिले में स्थित है जो लौह अयस्क के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह पहाड़ी आर्कियन एवं धारवाड़ क्रम के शैल समूह से निर्मित है। इसकी सबसे ऊंची चोटी नंदीराज की चोटी है जो छ.ग. की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है।
- इस पहाड़ी में लौह अयस्क उत्खनन हेतु 1968 में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) संयंत्र स्थापित किया गया। जिसने अपना प्रथम लौह खान किरंदुल में 1968 में, द्वितीय लौह खान बचेली में 1980, तृतीय लौह खान बैलाडीला में 1988 में स्थापित किया। वर्तमान में NMDC के प्रदेश में 14 लौह खान हैं।
- NMDC द्वारा बैलाडीला का लौह अयस्क उत्खनित कर जगदलपुर- विशाखापट्टनम रेल मार्ग से विशाखापट्टनम् बंदरगाह के द्वारा जापान को निर्यात किया जाता है ।
- बैलाडीला लौह अयस्क क्षेत्र के कारण दंतेवाड़ा जिला छ.ग. में लौह अयस्क के भण्डारण एवं उत्पादन में प्रथम स्थान पर है।
छ.ग. के निम्नलिखित जिलों में लौह अयस्क पाए जाते हैं
- दंतेवाड़ा
- कांकेर
- बालोद
- कबीरधाम
- राजनांदगांव
- नारायणपुर
- महासमुंद
- गरियाबंद
नोट – धमतरी, दुर्ग, कोरिया जिले में लौह अयस्क के भण्डार के कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं।
छ.ग. के प्रमुख बॉक्साइट जिले एवं उनके क्षेत्र
सामान्यतः पाट प्रदेशों में बाक्साइड प्राप्त होती है।
- जशपुर – जशपुर पाट, पण्डरापाट क्षेत्र, दातूनपानी क्षेत्र, कदमपाट, केरापाट-जमुनिया
- बलरामपुर – जमीरपाट, जारंगपाट, टाटीझरिया, सामरीपाट, कुडाग ।
- सरगुजा – मैनपाट, डांडकेसरा, नगराडांड, सपनाडांड, कण्डराजा, कुदारीडीह, नर्मदापुर, औरंगा, कमलेश्वरपुर, बिजलवा, पथराई, सरभंजा,
- कोरबा – फुटका पहाड़ क्षेत्र, केरता पहाड़, पवनखेड़ा पहाड़
- कबीरधाम – बोरई – दलदली, दरई
- कांकेर – तरान्दुल, कुमकाकुरूम
- कोण्डागांव – केशकाल क्षेत्र, छेदबहरा, कुये, बुधियारमारी
- बस्तर – आसना- तारापुर, कुदरवाही
- बीजापुर – तरलीभेटा
छत्तीसगढ़ में डोलोमाइट क्षेत्र निम्न हैं
- डोलोमाइट कैल्शियम एवं मैग्नीशियम का कार्बोनेट होता है, जो कड़प्पा शैल समूह से प्राप्त होता है।
- डोलोमाइट का प्रयोग मुख्यतः लोहे की अशुद्धियों को दूर करने में होता है साथ ही ताप-सह ईंटों के निर्माण, रबर उद्योग, भवन निर्माण आदि में होता है।
- बिलासपुर – हिर्री, बेलपान, धूमा
- जांजगीर-चाम्पा – छीतापडरिया, बाराद्वार सक्ती, मदनुपर, डभरा
- रायगढ़ – कटंगपाली
- बलौदाबाजार – भाटापारा, पाटपारा, धनेली
- बेमेतरा – कोदवा, मोहभट्टा
- बस्तर – तिरीय-मचकोट, जीरागांव, डोकरी, पखना
छ.ग. में चूना पत्थर का सर्वाधिक उत्पादन एवं भण्डारण
- वर्तमान में छ.ग. में चूना पत्थर का सर्वाधिक उत्पादन एवं भण्डारण बलौदाबाजार जिले में है।
बलौदाबाजार जिले के प्रमुख चूना क्षेत्र –
झीपनकरही, सोनाडीह, रवान, हिरमी, फरहदा, बासीन, सोनपुरी, अमलीडीह, नेवारी, बिटकुली, अमेरीपेण्ड्री, खपरी, कुर्रा, मल्दी- मोपर, गैतरा, करही-चंडी, मोहरा, परसाभदेर, कुकुरडीह, भरवाडीह, चुचरूंगपुर, तुरमा, मटिया, भुक्लाभाटा, चिचपोल, सोनतरा, देवगांव।
छत्तीसगढ़ में टिन के क्षेत्र एवं भण्डारण निम्न हैं –
- दंतेवाडा – पदमपुर, बचेली, कटेकल्याण, टेकनार
- सुकमा – गोविंदपाल, मुण्डपाल, चित्तलनार, कोंटा, चिउरवाड़ा, कच्चीरास, बेरीकुपली, तोंगपाल
- भण्डारण क्रम – कटेकल्याण > तोंगपाल > बचेली > पदमपुर
- टिन के भण्डारण एवं उत्पादन में दंतेवाड़ा प्रथम स्थान पर है।
- टिन कैसेटेराइट नामक चट्टान से प्राप्त होता है। इसके उत्पादन में छ.ग. संपूर्ण भारत में पहला है।
- प्रदेश में (2019-20) में इसका भंडारण राष्ट्रीय औसत का 35.58 प्रतिशत है।
- भारत का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य छ.ग. है अर्थात् छ.ग. में टिन का उत्पादन प्रतिशत 100 है।
छत्तीसगढ़ के सोना खनिज प्रक्षेत्र –
जशपुर – तपकरा, बरजोर, कांसाबेल, कुनकुरी, फरसाबहार
रायगढ़ – सोनझरिया, तुता
बलौदाबाजार– सोनाखान, बाघमारा, राजादेवरी
कांकेर – सोनादेही, मिचगांव
महासमुंद – रेहटीखोल, लिमऊगुड़ा
राजनांदगांव – टप्पा क्षेत्र, पीपलकछार, कुडईकसा
छत्तीसगढ़ प्रदेश में हीरा क्षेत्र –
- हीरा किम्बरलाईट चट्टानों से प्राप्त होती है।
- हीरा कार्बन का शुद्ध अपररूप है जो कि पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करती है।
- प्रदेश में यह मुख्यतः गरियाबंद एवं बस्तर जिले से प्राप्त होती है।
- गरियाबंद में हीरा क्षेत्र – पायलीखंड, बेहराडीह, कोदोमाली, कोसममुड़ा, जांगड़ा एवं टेम्पल आदि क्षेत्र है।
- बस्तर में हीरा क्षेत्र – तोकापाल में ।
इसके अलावा सभी विषयो को ध्यान में रखकर प्रश्नोत्तरी की सीरीज तैयार की गई है इसे भी जरूर देखें
Quiz Series
1 . 2013 – 2020 CGPSC Prashno Ka Sankalan
2 . छत्तीसगढ़ में मिट्टियाँ, कृषि एवं पशुपालन से सम्बंधित सवाल-Set-2
3 . छत्तीसगढ़ में मिट्टियाँ, कृषि एवं पशुपालन से सम्बंधित सवाल
4 . Chhattisgarh ka इतिहास quiz-Set-4
5 . Chhattisgarh ka इतिहास Quiz-Set-3
6. Chhattisgarh ka इतिहास Quiz-Set-2
Chhattisgarh Ke Khanij Ayask Quiz में आज आपने अयस्कों से सम्बंदित सवाल प्राप्त हुए ऐसे ही आप किस विषय में प्रश्नोत्तरी चाहते है हमें कमेंट करके बताये ताकि आपको उससे सम्बंदित प्रैक्टिस सीरीज तैयार करके दे सके.
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